शिल्पकार टाइम्स नाम दो शब्दों को मिलाकर बना हैं। इसमें शिल्पकार हिन्दी का शब्द है और उत्तराखण्ड राज्य की अनुसूचित जातियों के समूह का नाम तो है ही तथा शिल्पकार यानि शिल्पी यानि इन्जीनियर, आर्किटैक्ट, मूर्तिकार, कलाकार, कारपेन्टर, ताम्रकार, लोहार, आदि को भी शिल्पकार कहा जाता है, तथा ये जबकि टाइम्स अंग्रेजी का शब्द हैं और उसका अर्थ समय अथवा काल है। तात्पर्य यह है कि यह दो शब्दों का समूह यह सिद्ध करता है कि अब शिल्पकार जाति यंू ही दलित, नगण्य जाति नहीं है अपितु इनकी अपनी आवाज है पहचान है और इसका साहित्य निर्माण होने लगा है।
सदियों से उत्तराखण्ड की कन्दराओं और दूर-दराज के असंख्य गुमनाम गांवों में सीमित, लुप्त और अनजान लोग अब अनजान नहीं रहे बल्कि अब इस समाचार पत्र के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उनकी आवाज कही और सुनी जा रही है। यह इस कौम के लगभग ढाई हजार वर्ष पुराने इतिहास काल में पहली बार संभव हुआ है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से मुख्य घारा का समाचार पत्र प्रकाशित हो रहा है, इसके लिए आप सब लोग बधाई के पात्र हैं। इस समाचार पत्र के माध्यम से सुप्त उत्तराखण्ड की शिल्पकार जाति की पहचान समूचे देश में होने लगी है। शिल्पकार टाइम्स समाचार पत्र के जरिये हम हर उस शख्स की आवाज का माध्यम बनने का प्रयास कर रहे है जो अपना दुख दर्द पीढ़ियों से या यू कहें कि सदियों से खुद में समेटे हुए है।
उद्देष्य:- शिल्पकार टाइम्स को प्रकाशित करने का मुख्य उद्देश्य था वंचितों, दलितों, गरीबों व शिल्पकारों की आवाज को उनकी समस्याओं को उनके हस्त कौशल को जन-जन तक पहुंचाना। इसके अलावा शिल्पकार दलित समाज व अन्य समाज के सामाजिक कार्यकतार्ओं, नेताओं, समाज सुधारकों की जीवनी और उनके वैचारिक दृष्टिकोण से जन-जन को परिचित करवाना है। महान लेखकों की जयन्ती:- शिल्पकार टाइम्स की ओर से हर वर्ष डा. अम्बेडकर, कांशीराम, महात्मा फुले, गाडगे महाराज, पेरियार, नारायणा गुरु, हरीप्रसाद टम्टा, जयानन्द भारती आदि की जयन्ती धूमधाम से मनाई जाती है। प्रमुख समाज सुधारकों की आवाज:- शिल्पकार टाइम्स के माध्यम से दलित समाज के प्रमुख समाज सुधारकों, राजनैतिक नेताओं की आवाज को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया जिसमें उदितराज, मायावती, फूलसिंह बरैया, एसएन चक, विद्या गौतम के कार्यक्रमों के अलावा भगाना कान्ड, मुजμफर नगर, सुनपेड़ काण्ड गोहाना काण्ड और डांगावास आदि की खबरों को भी प्रमुखता दी गयी। सांस्कृतिक कार्यक्रम:- वर्ष 2011 से लेकर अभी तक शिल्पकार टाइम्स की ओर से कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर को लुप्त होने से बचाने के लिए प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 3 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम 2013 से आयोजित किए गये। इसके अलावा फिक्की सभागार, कान्सटीट्यूशन क्लब मे हर वर्ष समयस मय पर महापुरूषों की जयंती, साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। इसी कड़ी में शिल्पकार टाइम्स ने समय समय पर राजनेताओं, समाजसुधारकों की जीवनी प्रकाशित की है। जिनमें से कुछ नाम है-डा. बी.आर. अम्बेडकर, कांशीराम, ज्योतिबा फूले, सन्त गाडगे महाराज, नारायण गुरु, हरीप्रसाद टम्टा, रामप्रसाद टम्टा, जयानन्द भारती, खुशीराम आदि। शिल्पकार टाइम्स एवार्ड का शुभारम्भ:- शिल्पकार टाइम्स ने उत्कृष्ट कार्यों से समाज को रोशन करने वाले लेखकों, विद्वानों, समाज सुधारकों के लिए शिल्पकार टाइम्स एवार्ड का शुभारम्भ 2015 से किया गया। पहले एवार्डी थे श्री हीरालाल टम्टा तथा श्री बलवन्त सिंह भारती। यह पुरस्कार उत्तराखण्ड के अम्बेडकर कहे जाने वाले प्रसिद्ध समाज सुधारक स्वर्गीय हरीप्रसाद टम्टा की जयंती 26 अगस्त, 2015 से प्रारम्भ किए गए तथा हर वर्ष दिए जायेंगे।
हमारे सहयोगी लेखक – कई लब्ध प्रतिष्ठित लेखक व कवि, कहानीकार भी शिल्पकार टाइम्स से जुडे़े जिनमें प्रमुख है प्रो. विवेक कुमार, एच.एल. दुसाध, डा. मुकेश कुमार, डा. पूरन सिंह, पूरन चन्द्र काण्डपाल, मोहन दास नैमिश्राय, रंजीत कबीरपन्थी, एम.पी. सिंह, रमेश गौतम, अनामिका आर्या, राज बाल्मीकि, हीरालाल टम्टा, मनवर भारती, हर्षपति, शान्तिस्परूप बौद्ध, रुपचन्द गौतम, भगवान सिंह टम्टा, महेश प्रसाद टम्टा, गायत्री श्रमण, आर.एल. केन, जे.पी. कर्दम, डा. जी.डी. दिवाकर, पनीराम, जोगाराम, धर्मेन्द्र गौतम, अनीता भारती, रमणीका गुप्ता, बलराम प्रसाद, सतनाम सिंह, डा. धर्मकीर्ति, अर्जुन लाल टम्टा, चन्द्र सिंह (रिटा. आइएएस), कृष्ण आर्या, (रिटा. आइएएस), हीरालाल राजस्थानी, कवल भारती, के.आर. आर्य (रिटा. प्रधानाचार्य) के.पी. मौर्या, ललित कुमार आदि।
हमारे सांस्कृतिक सहयोगी:- नरेन्द्र पान्थरी, आशा नेगी, मुकेश कठैत, बिशन हरियाला आदि। प्रचार प्रसार के सहयोगी:- रुप सिहं अहिरवार, राजपाल बौद्ध, डा. एस.एन. गौतम, एम.पी. सिहं, भगवान सहाय बैरवा, एम पी आर्य, एच आर चन्याल, के आर आर्य (रिटा. प्रिन्सीपल), अर्जुन लाल टम्टा, सीएल टम्टा, हर्षपति, चन्द्रसिंह (रिटा. आइएएस), के. आर्य (रिटा. आइएएस), विजय बौद्ध, कैथल से विक्रान्त, रोहताश मेहरा तथा रोहतक से जितेन्द्र, दयानन्द रंगा आदि। सम्पादकीय सहयोगी:- शिल्पकार टाइम्स साप्ताहिक में सम्प्रति सम्पादक मुद्रक, प्रकाशक, चन्द्रबल्लभ, कार्यकारी सम्पादक आर पी टम्टा, उपसम्पादक जोगाराम, सह सम्पादक धर्मेन्द्र गौतम सहित पत्रकारिता जगत की कई विभूतियां हमारे साथ सहयोग के रूप में जुड़ी हुई है ।